जानिए कोरोना COVID-19 पुरे देशमें फेलने के पीछे की हकीकत WHO के रिपोर्ट के साथ

देश में कही हद तक फेली हुई कोरोना जेसी भयंकर बीमारी के जिम्मेदारा सिर्फ और सिर्फ हमारी मोदी सरकार है जो इस पोस्ट को पढने के बाद साबित हो जाएगा.



कोरोना COVID-19 पुरे देशमें फेलने के पीचे की हकीकत WHO के रिपोर्ट के साथ
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, 17 नवंबर को वुहान की राजधानी हुबेई में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज का पता चला उसकी उम्र 55 साल थी। 17 नवंबर को पहला केस सामने आने के बाद हर दिन ऐसे 1 से लेकर 5 मामले रिपोर्ट किए गए। पहले 9 केस में से 4 पुरुष और 5 महिलाएं थीं। इनकी उम्र 39 से 79 साल के बीच थी।
  • 15 नवंबर तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 27 हो गई थी। 17 नवंबर के दिन पहली बार 10 से ज्यादा मामले सामने आए थे। इसके बाद 20 दिसंबर तक संक्रमित मरीजों की संख्या 60 पहुंच गई। 27 दिसंबर को हुबेई के एक अस्पताल के डॉक्टर जैंग जिक्सियन ने बताया कि कोरोना नाम के वायरस की वजह से लोग संक्रमित हो रहे हैं। दिसंबर 2019 तक ही चीनी अधिकारियों ने कोरोनावायरस के 266 मरीजों की पहचान कर ली थी। 1 जनवरी 2020 तक 381 मामले सामने आ चुके थे।

20 जनवरी की W.H.O की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त रास्ट्र अमेरिका सहित अन्य देशों में कोरोनावायरस के केस मिल सुके थे. https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200121-sitrep-1-2019-ncov.pdf?sfvrsn=20a99c10_4




23 जनवरी को चीनी अधिकारियों ने शहर से बाहर जाने वाले विमानों और ट्रेनों को रद्द कर वुहान को बंद कर दिया और इसके भीतर बसों, सबवे और फेरी को भी स्थगित कर दिया। अब तक चीन के अलावा ताइवान, जापान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई थी और 570 से अधिक लोग संक्रमित हो गए थे। (WHO की रिपोर्ट के अनुसार)

30 जनवरी को W.H.O. ने ग्लोबल हेल्थ इमर्जन्सी घोषित किया।

  • 31 जनवरी को ट्रम्प प्रशासन ने चीन से यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया
ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि किसी भी विदेशी नागरिकों द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश को निलंबित कर देगा, जिन्होंने पिछले 14 दिनों में अमेरिकी नागरिकों या स्थायी निवासियों के परिवार के सदस्यों को छोड़कर चीन की यात्रा की थी। इस तारीख तक, दुनिया भर में 213 लोग मारे गए थे और लगभग 9,800 लोग संक्रमित हुए थे।

भारत में कोरोनवायरस का पहला केस केरल से 30 जनवरी को बताया गया था, और दूसरा 2 फरवरी को पोजिटिव केस मिला

2 फरवरी तक लगभग 900 लोग पूरे भारत में निगरानी में थे। इसमें से अकेले केरल में 806 लोग निगरानी में थे। रिपोर्ट के अनुसार, 10 लोग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्डों में थे,



4 फरवरी को WHO और भागीदारों ने एक वैश्विक रणनीति तैयार की जिसका लक्ष्य चीन और अन्य देशों में कोरोना के आगे प्रसारण को रोकना और मानव-मानव के बीस का निकट संपर्क टालना और सभी देशों में प्रकोप के प्रभाव को कम करना था। लिंक देखे  https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/donor-alert.pdf
उपर दी गई लिंक पर से आप WHO का रिपोर्ट देख सकेंगे


11 फरवरी को WHO ने कोरोनावायरस को COVID-19 नाम प्रस्तावित किया अगले दिन तक, चीन में मृत्यु का आंकड़ा 1,113 तक पहुंच गया था और कुल संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 44,653 हो गई। चीन के बाहर 24 देशों में 393 मामले थे।
 

13 फरवरी तक अधिकारियों ने हुबेई प्रांत में संक्रमितों की कुल संख्या में 14,840 से अधिक नए मामले सामने आए, ईन नए मामलों ने एक दैनिक रिकॉर्ड स्थापित किया था,



निचे लिंक पर दी गई WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 20 फरवरी तक कोरोना पुरे विश्व में फेल सुका था और वैश्विक मामलों की संख्या लगभग 76,000 हो गई थी।  https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200220-sitrep-31-covid-19.pdf?sfvrsn=dfd11d24_2



  • 24 फरवरी को ट्रम्प सरकार ने कांग्रेस को अपनी तैयारियों को पूरा करने के लिए नए आपातकालीन फंडों $ 1.25 बिलियन जोड़ने की मांग करते हुवे रोग नियंत्रण अधिकारियों ने लगभग एक निश्चित प्रकोप की चेतावनी दी थी.

नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम
  • 24 फरवरी को हमारे मोदीजी ने नमस्ते ट्रम्प कार्यक्रम किया क्युकी मोदीजी और ट्रम्प साहेब को अब तक पताही नहीं था की कोरोना के सलते इतनी पब्लिक को इकट्ठा करना मना है.

हालाकि राहुल गांधी ने भी 12 फरवरी को ट्विट कर के कहा था की कोरोना वायरस हमारे लोगों और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा है। मेरी समझ से सरकार इस खतरे को गंभीरता से नहीं ले रही है।       समय पर कार्रवाई महत्वपूर्ण है।

जब WHO ने पहले से सावधान करदिया था की यह रोग एक आदमी से दुसरे आदमी में फेलता है ईस लिए हो सके उतनी दुरी बनाए रखनी है फिरभी हमारे मोदी साहेब ने लाखो की संख्या में भीड़ इकठ्ठा की...

और ताज्जुक की बात तो यह है की 

2 फरवरी तक लगभग 900 लोग पूरे भारत में निगरानी में थे। इसमें से अकेले केरल में 806 लोग निगरानी में थे। रिपोर्ट के अनुसार, 10 लोग अस्पतालों में आइसोलेशन वार्डों में थे|


  • इस टाइम हमारे देश की मिडियाने फरवरी के पुरे महीने में मोदीजी और नमस्ते ट्रम्प के अलावा कुस नहीं दिखाया और इतने दिनोमें नाही कोरोना का एक भी केस सामने आया और नाही किसी ने रिपोर्ट ली..

और फिर अगले महीने से एक के बाद एक केस सामने आने लगे और स्थिति बेकाबू होते हुवे पुरे देस में लोकडाउन करना पडा ईस से

ईस लोकडाउन का देश की अर्थव्यवस्था पर कितना बड़ा असर पड़ने वाला है वो आप सोच भी नहीं सकते.

क्या आपको नहीं लगता की अगर टाइम पर मोदीजी ने अपनी पब्लिसिटी करने की बझह देश पर आने वाली कोरोना नाम की इस महा संकट के बारेमे थोडासा भी चोसा होता तो सायद आज हमें यह दीन देखने की नौबत नहीं आती.

  • अपनी राय हमें कमेन्ट में जरुर दे|

इस पोस्ट में दी गई सारी जानकारी मोदी भक्तो को समज में आ जाए ईसी लिए प्रूफ के साथ बताई गई है आप यहाँ पर दी गई W.H.O की सारी रिपोर्ट (Image/pdf) देख सकते हो....


तीन चीजें बहुत देर तक नहीं छुप सकती, सूरज, चंद्रमा और सत्य. आप साहे कितना भी जूठका सहारा लेलो लेकिन सच दुनिया के सामने आकर ही रहता है और यह संसार का नियम है.

  • कृपिया पब्लिक के सामने ईस सच्चाई को पहोंचाने के लिए निचे दिए गए सोशियल बटन पर क्लिक कर के इस पोस्ट को शेर करे....