LRD भरती के परिणाम में हुए गोटाले को ले कर के जिग्नेश मेवाणी ने विधानसभा गृह में आवाज उठाई

 LRD ने 11 मार्च 2020 को 5450 महिला ओ का अंतिम परिणाम जारी किया जिसमे भरती बोर्ड ने अनामत का नामो नीचान मिटादिया

LRD भरती पहले भी विवाद में रही हें और एस.सी, एस.टी, ओ.बी.सी, वर्ग की महिलाओ ने72 दिन तकआंदोलन चलाया तब जा कर नितिन भाई पटेल ने कहा की हम इस भरती में GAD 01-08-2018 का ठराव इस भरती में लागू नहीं करने वाले है. एसा लोली पॉप दे कर आंदोलन को शांत किया क्युकी ट्रम्प साहेब जो गुजरात आ रहें थे लेकिन बाद में 11 मार्च 2020 को जब रिजल्ट आया तो  भाजपा की चच्ची सामने आ ही गई.

आइए जानते है की LRD परिणाम में क्या गोटाला हुवा

  • विधानसभा सत्रमे जिग्नेश मेवाणी ने LRD बहेनो के साथ जो अन्याय हुवा उसके बारेमे बताते हुए कहा की भरती के नाम पर गुजरात सरकार एस.सी, एस.टी, ओ.बी.सी, वर्ग की महिलाओ के साथ अन्याय कर के वर्ग विग्रह की स्थिति पैदा कर रही है.
अगर 5450 सिट पर LRD की भरती बंधारण के दायरे में रह कर की जाए तो किस तरह से भरती होंगी |

पहले गुजरात में रिजर्वेशन कितना है उसे समजते है
SC 7.5% ST 15% OBC 27% इसके अलावा बाकी बचाहुवा 50.5% ओपन यानि कोम्पेटीशन हे.
अब हम 5450 सिट को रिजर्वेशन के हिसाब से बाटते है
  • OPEN 50.5% = 2752 सिट
  • ओ.बी.सी. 27% = 1472 सिट
  • एस.टी. 15% = 817 सिट
  • एस.सी. 7.5%  = 408 सिट
 सभी भरती में भरती करते वक्त (2752) ओपन सिट पहले मेरिट के आधार पर भरी जाती है.

यहाँ पर दी गई pdf में आप देख सकते है की 2752 का मेरिट 69.25 तक पहुंचा है. यानी 69.25 मार्क से अधिक मार्क वाली सभी बहेने वो साहे कोई भी ज्ञाति की हो उसे ओपन सिट (जनरल) में समावेश होता है.
अब इस मेरिट में आने वाले उमेद्वारो को बाद कर के बाकी बची सिट पर नजर डालते है जिसमे अन्याय आपको pdf देख कर पता चल जाएगा की इसमें SC, ST को कितना अन्याय हुवा है.

ओ.बी.सी. को 1472 सिट की जगह पर 1522 सिट यानि 50 सिट ज्यादा मिली.
एस.टी. को 817 सिट की जगह पर 540 सिट यानी 279 सिट कम मिली.
एस.सी. को 408 सिट की जगह 293 सिट यानी 115 सिट कम मिली.
  • अब आप सोचते होंगे की यह ST की 278 और SC की 115 मिला कर 394 सिट हुई वो गई कहा हम आपको बताते है.
ईन 394 सिट में से 50 सिट ओ.बी.सी.  को दी गई और बाकी बची 344 सिट बिन अनामत वर्ग को दी गई.

LRD भरती के परिणाम में हुए गोटाले को ले कर के जिग्नेश मेवाणी ने विधानसभा गृह में आवाज उठाई
जिग्नेश मेवाणी हर हंमेश के लिए दलित और आदिवासी के हक के लिए लड ते रहे है ईस लिए उन्होंने विधानसभा गृह में यह सवाल रखा की गुजरात सरकार ने सिट बढ़ाने का जो फेसला किया उनका हम सम्मान करते है लेकिन दलित और आदिवासी के हक़ की नोकरी आप दुसरो को बाट दो एसा हम हरगीज बरदास नहीं करेंगे.

ईस बाटी हुई सिट में ओ.बी.सी. को भी नुकसान होने वाला हे क्यों की ओ.बी.सी की 64.50 से ले कर 62.5 मार्क की अंदाजित 1000 बहेनो के डोक्युमेंट वेरिफिकेशन अभी बाकी है तो जो 50 सिट ज्यादा है उसकी जगह पर डोक्युमेंट वेरिफिकेशन में कुस 20% यानी 200 के आस पास बहेने नोकरी से बहार हो जाएगी तो ओ.बी.सी. को भी 150 सिट का नुकशान होने वाला है.

मेरी गुजरात सरकार से विनती है की बंधारण को साइड में रख कर आप एसा फेसला नहीं कर सकते अगर OBC, ST, SC की 1 भी भहेन को नुकशान होंगा तो भी जिग्नेश मेवाणी विधानसभा के गृह में आवाज उठाएंगा क्युकी गुजरात के दलित, आदिवासी, और अन्य पछात वर्ग, के  लोगो ने मुझे उसकी आवाज विधानसभा के गृहमें पहोंचाने के लिए ही चुना है.

मेरी आप सभी से विनती है की आप इस सचाई को पुरे देश की जनता तक पहोंचाइए.