वडगाव विधायक jignesh Mevani का गुजरात की जनता के लिए संदेश

राज्यसभा की सोदेबाजी के वक्त RDAM के अध्यक्ष और वडगाव विधायक jignesh Mevani का गुजरात की जनता के लिए संदेश बिका हुवा सामन वापस मत लेना.

RDAM के अध्यक्ष jignesh Mevani का गुजरात की जनता के लिए संदेश

गुजरात के भाईओ और बहेनो इस पत्र को लिखते समय में बहुत शर्मिंदा हु.
शर्म इस बात की है की में गुजरात की जिस विधान सभा में बेठता हु वहापर वहापर मेरे साथ बेठने वाले कुछ MLA ने हद पार करदी है
कोई पक्ष उन के सामने पैसे रखते है और वह बाजारू प्रोडक्ट की तरह अपनी जात को बेसने के लिए तैयार हो जाते है.

राज्य सभाके इलेक्शन के टाइम पे जिन जिन MLA ने कोंग्रेस में से इस्तीफा दिया है उन लोगोने बगेर सोदेबाजी के इस्तिफा दिया होंगा एसा में नहीं मानता.
सर्म तो इस बात की है की राष्ट्रवाद की बाते करने वाले राजकीय पक्ष भी ऐसे धारासभ्यों को मुह मांगी किम्मत दे कर खरीदने को तैयार हो जाते है
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ईस तरह से खरीदने वाले और बिकने वालो के लिए कोनसा शब्द प्रयोग किया जाये? माफ़ कीजिए मगर यह हकीकत है की भारतीय जनता पार्टी कूड़ा संग्रह करने के लिए हो इस तरह से हंमेशा के लिए कचरा लेने के लिए हर वक्त तैयार ही रहती है. सवाल तो यह है के इन धारासभ्यों को खरीदने के लिए 50-50 करोड़ भाजपा के पास आते कहासे है. आप भगवाना राम के भक्त होने का दावा करते हो आप भारत माता के सिपाही होने का भी दावा करते हो आप लोग तो राष्ट्रभक्ति के ठेके दार हो तो फिर आपके पास ईन कोंग्रेस के धरासभ्य को खरीदने के लिए इतने पैसे आते कहासे है|

भारतीय जनता पार्टी सिर्फ एक बात का जवाद दे की भाजपा के साथ बरसो से काम कर रहे कार्यकार और नेताओने इन नए जुड़े हुवे नेताओ का स्वागत करने के लिए क्या तैयारी की हुई है |ऐसे चारित्रहिन बिकाउ और खरीदने वाले सत्ता सम्पत्ति के दलालों की हंमेश के लिए छुट्टी जब तक नहीं होंगी तबतक राजकीय सोदाबाजी का यह शर्मनाक कल्चर खत्म नहीं हो सकता|

अब इस कल्चर को खत्म करने की जिम्मेदारी राजकीय पक्षों से ज्यादा गुजरात की साडे छे करोड़ जनता की है.
इस बिकाऊ विधायको से गुजरात की जनता को सवाल करना साहिए की तुम लोगोने इस देस की जनता को क्या समज रख्खाहे आपके मत विस्तार के लोगो ने आप को भर भर के वोट दे कर विधानसभा तक पहुंचाऐ उन जनता के प्रतीक आप की कोई वफादारी है या नहीं क्या आप की कोई जमीर बची हुई है?
आखिर ईन बिकाऊ विधायको को डर क्यों नहीं है? क्यों की आजादी के इतने साल बाद भी जिस के माथे पर खून, लुट, बलत्कार, भ्रस्टाचार जेसे आरोप होते है ऐसे लोगो को सरपंच से ले कर के संसद तक हम लोगोने ही वोट दे कर  बिठाया हुवा है. अब जब नेताओ को पता ही है की हम लोग जितने भी काले काम करे फिरभी लोग हमें छुट कर भेजेंगे ही फिर नेताओ को इज्जत या डर होंगा कहाचे "इस कल्चर के लिए कहिना कही हम जिम्मेदार है."
जबतक सज्जन, इमानदार, और बंधारन की विचारधारा पर  चलने वाले लोक सेवक को सरपंच से लेकर संसद तक नहीं बिठाएगे तब तक यह स्थिति बनी रहेंगी इस परिस्थिति में अब गुजरात की साडा छे करोड़ जनता को यह संकल्प करना है की अब ऐसा धंधा होने नहीं देंगे.
राज्यसभा के इलेक्शन के वक्त पैसे की गड्डी के लिए प्रजा द्रोह कर के अपने मत विस्तार के लाखो नागरिक के साथ विस्वास घात और ठगाई की..... जो लोग बिक गए ऐसे लोगोको गुजरात की जनता हंमेश के लिए अल्विदा कर दे और लोकसाही के ऐसे गद्दारो का जाहर जीवन सदा के लिए समाप्त करे एसी गुजरात की जनता को सिफारिस करता हु
  • यह अनिवार्य है की गुजरात की जनता निर्णय ले की यह बिका हुवा सामन हम वापस नहीं लेंगे.
एक गुजरती होने के नाते हमें यह भूलना नहीं चाहिए की रविशंकर महाराज, इन्दुलाल याग्निक, और सरदार वल्लभ भाई पटेल का यह गुजरात है अपने आप को बेचने वाले विधायको ने गुजरात की अस्मिता और गुजरात के गौरव को कलंकित किया है.

मतविस्तर में मिली हुई डेढ़ करोड़ की ग्रांट में से हर चाल 20% खाना टी.डी.ओ डी.डी.ओ कलेक्टर, पोलिस, बूटलेगर के पास से हप्ता खाना जमीनों की चौदेबाजी और सेकड़ो जगह से कमाई होने के बावजूत ईन लोगो का पेट नहीं भरा इस लिए राज्यसभा के इलेक्शन के वक्त यह पाखंड शुरू किया



मेरे गुजरात के भाई बहेनो एक विधायक के रूप में  में आप सभीको दोबारा अपील कर रहा हु की बीके हुए ईन विधायको और ईन के खरीददार सत्ता पक्ष के गाल पर एसा तमाचा लगाए की उंगली के निचान को देख कर बाकी सारे विधायक का इमान बिकने का नाम ना ले.


ली. आपका प्रिय विधायक जिग्नेश मेवाणी वडगाव 11